रमाकांत चौधरी - लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश)
एक गुड़िया सी लड़की - कविता - रमाकान्त चौधरी
शुक्रवार, दिसंबर 23, 2022
एक गुड़िया सी लड़की घर में, बातें बहुत बनाती है,
है नटखट शैतान बहुत, पर सबके दिल को भाती है।
घर भर को है ख़ूब रिझाती, अपनी मीठी बोली से,
कॉपी सारी रँगती रहती, बना बना रंगोली से।
बात-बात पर धमकी देकर, सबपर हुकुम चलाती है,
है नटखट शैतान बहुत, पर सबके दिल को भाती है।
इस कमरे से उस कमरे में, दिन भर चलती रहती है,
ज़रा डाँट पर रो देती, पर बिल्कुल नहीं सुधरती है।
मम्मी पापा भाई बहन, वह सब पर प्यार लुटाती है,
है नटखट शैतान बहुत, पर सबके दिल को भाती है।
कभी डॉक्टर, कभी वो टीचर, फ़ौजी भी बन जाती है,
क्या क्या मुझको करना है, वह अच्छे से समझाती है।
देख-देख कर दर्पण बिटिया, ख़ुद को ख़ूब सजाती है,
है नटखट शैतान बहुत, पर सबके दिल को भाती है।
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
दीपावली विशेष रचनाएँ: कविता, गीत, दोहे और मुक्तक का सुंदर संकलन
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर

