है ऐ अपना बिहार हो भईया - गीत - डॉ॰ रवि भूषण सिन्हा

जहॉं की धरोहर में,
है गया, नालन्दा, वैशाली।
है ऐ अपना बिहार हो भईया,
और हम हैं बिहारी।

पूर्वजों की आत्मा को, जहॉं मोक्ष की होती प्राप्ति।
दिव्य रूप बोधि वृक्ष जहॉं, भगवान बुद्ध की ज्ञान प्राप्ति की याद दिलाती।
है इनकी धरोहर, बिहार का गया हो भईया, सुन लो ऐ जग वासी।
यही है अपना बिहार हो भईया,
और हम हैं बिहारी।

दुनिया में पहला बनाने का, जहॉं आवासीय विश्वविद्यालय की मिली है ख्याति।
अवशेषों की टोली जहॉं, आए ज्ञान लेने, विश्व के छात्रों की याद दिलाती।
है इनकी धरोहर, बिहार का नालन्दा हो भईया, सुन लो ऐ जग वासी। 
यही है अपना बिहार हो भईया,
और हम है बिहारी।

भगवान महावीर की जन्मस्थली से, होती जिसका पुण्यस्थलों में गिनती।
विश्व का पहला लोकतांत्रिक गणराज्य बन, दुनिया को बेहतर शासन की राह दिखाई।‌
है इनकी धरोहर, बिहार का वैशाली हो भईया, सुन लो ऐ जग वासी। 

जहॉं की धरोहर में,
है गया, नालन्दा, वैशाली।
है ऐ अपना बिहार हो भईया,
और हम हैं बिहारी।


Instagram पर जुड़ें



साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos