संदेश
लूट लिया इस पल को किसी ने - नज़्म - सुनील खेड़ीवाल 'सुराज'
लूट लिया, इस पल को किसी ने, कोई हर पल, लुटाता रहा अक्सर कल की चाह में, बशर, अपना ये आज गँवाता रहा। ना मिली, ना मिलेगी दौलत इतनी कि आरज…
जो कब की कट गई - नज़्म - छगन सिंह जेरठी
हम दोनों अपनी अपनी पतंग उड़ाते, आसमान में लड़ गए। ना कटती बने ना उड़ती बने, फिर कुछ यूँ उलझ गए। दर्शक जो कह रहे थे, आख़िर वही हुआ उसकी …
फिर वो गुमशुदा हो गया - नज़्म - सुनील खेड़ीवाल 'सुराज'
लो आज शहर में, फिर वो गुमशुदा हो गया, घिर गया बादलों से, चाँद भी फ़ना हो गया। रात भर तो देखी मैंने, आसमाँ पर हलचलें, समझ पाता कुछ कि, …
तेरी दुनियाँ में मुझको - नज़्म - सुनील खेड़ीवाल 'सुराज'
तेरी दुनियाँ में मुझको, दिलकश कोई किरदार ना मिला ख़ुशामद के दीवाने हैं यहाँ, हुनर का जानकार ना मिला वफ़ा की उम्मीद क्या करें, कोई ज़र-प…
यथार्थ का गाँव - नज़्म - कर्मवीर 'बुडाना'
मेरे दिल में बसी हर बात एक निशानी है, बीता वो दौर पुराना, अब न आना-जानी हैं, तुम चाहे करो इशारें, नहीं दिल में चाहत हैं, माना हूँ कवि …
यूँ आजकल जिनकी बातों में - नज़्म - सुनील खेड़ीवाल 'सुराज'
यूँ आजकल जिनकी बातों में, आप आए बैठे हैं जो तुम्हें, अपनी हर एक बात पर लुभाए बैठे हैं पछताना न पड़े, जान लो वक्त रहते तुम भी उन्हें यक़…
कहो जो है दिल में बात - नज़्म - सुनील खेड़ीवाल 'सुराज'
कहो जो है दिल में बात, उनके पयाम से पहले, मत सोचो मोहब्बत में कुछ भी अंजाम से पहले। दिल की बात दिल में न रह जाए हसरत बनकर, जी ले तू भी…
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