अधूरे प्रश्न - कविता - निखिल पाण्डेय श्रावण्य

अधूरे प्रश्न - कविता - निखिल पाण्डेय श्रावण्य | Hindi Kavita - Adhoore Prashn - Nikhil Pandey Shravany. अधूरे प्रश्न पर कविता
कितने ऊँचे होने पर भी दिखती हैं मिट्टी
और कितने नीचे होने पर भी दिखता हैं असमान?

कितने धीरे भागने से हारा जाता है
और कितने तेज़ भागने से जीतता है इंसान?

कितनी मेहनत से उगती है एक फ़सल,
पर जब थाली तक पहुँचती है वो,
कौन खाता है — व्यापारी या किसान?

कितने पैसों में आती हैं दवाइयाँ,
और कितने पैसों में बिकती है जान?

काग़ज़ों पर दर्ज है सब कुछ,
पर बिक चुका है सबका इनाम

कितने लोग होते हैं शैय्या उठाने में
क्या आदमी बिना शैय्या के पहुँच जाता हैं शमशान?

निखिल पाण्डेय श्रावण्य - रीवा (मध्यप्रदेश)

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