रजनीश तिवारी 'अनपढ़ माशूक़' - रीवा (मध्यप्रदेश)
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नव दिन माँ नवरात्रि में आओ - गीत - रजनीश तिवारी 'अनपढ़ माशूक़'
नव दिन माँ नवरात्रि में आओ - गीत - रजनीश तिवारी 'अनपढ़ माशूक़'
शुक्रवार, अक्टूबर 16, 2026
नव दिन माँ नवरात्रि में आओ
भक्तिभाव मेरे मन में जगाओ
वात्सल्य और स्नेह बरसाओ
करुणामयी माँ दया दिखाओ
ममता का आँचल फैलाओ
हे नवदुर्गा दरश दिखाओ
नव दिन माँ नवरात्रि में आओ...
माँ अद्भुत रूप अनूप तेरा
तेरा दिव्य स्वरूप है अष्टभुजा
दैत्यों का संहार करे तू
भक्तों का उद्धार करे तू
हे जगजननी जगदम्बा
हे शैल सुता माँ अम्बा
आओ कष्ट कलेश मिटाओ
बिगड़ी मेरी बनाओ,
हे नवदुर्गा दरश दिखाओ
नव दिन माँ नवरात्रि में आओ...
हे आदिशक्ति माँ विश्वमोहनी
है प्रसिद्ध तेरा नाम अमर
तू ही है ब्रह्माण्ड रचयिता
ब्रह्मा विष्णु पूजें शंकर
ले हाथ में खप्पर आओ
माँ भक्ति की जोत जगाओ,
हे नवदुर्गा दरश दिखाओ
नव दिन माँ नवरात्रि में आओ...
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