माँ कालरात्रि देवी - दोहा छंद - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'

माँ कालरात्रि देवी - दोहा छंद - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज' |  Dohe - Maa Kalaratri Devi. माँ कालरात्रि पर दोहे
शुभ दिन आए सप्तमी, कालरात्रि अवतार।
भय-तम-खल-दलहारिणी, दे साहस उपहार॥

महाकाल भयकारिणी, माँ फल दे सन्तान।
दुष्ट दलन कर भक्त को, देती शुभ वरदान॥

कालरात्रि की कृपा से, मिटे सकल संताप।
हर साधक निर्भय बने, मिटे पाप अभिशाप॥

शूलधारिणी कालिका, करती शत्रु विनाश।
भक्तों के जीवन सुपथ, भरती नव विश्वास॥

गर्दभवाहन वाहिका, माँ का रूप अपार।
अंधकार को हर रहीं, ज्योतिर्मय संसार॥

दें कल्याणक दान माँ, हरे नकारी सोच।
माँ के चरणों में मिले, सच्चरित्र संकोच॥

शुभंकरी माँ कालिका, करती सब कल्याण।
पल-पल संकट माँ हरे, सुखदा मातु प्रणाम॥

दुष्ट दलन कर साधु हित, करती माँ उद्धार।
भक्ति भाव से जो झुके, पा जीवन सुखसार॥

शांति शक्ति साहस विजय, देती माँ आशीष।
कालरात्रि पूजन मुदित, सुरभित सुमन शिरीष॥

माँ चामुण्डा तारिणी, भद्रकालिका नाम।
रक्तबीज शोणित पिओ, करो धरा सुखधाम॥


Instagram पर जुड़ें



साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos