धनतेरस पर्व - कविता - डॉ॰ रेखा मंडलोई 'गंगा'

कार्तिक कृष्ण की त्रयोदशी का प्यारा पर्व है आया,
विष्णु वंशावतार धनवंतरी ने उत्साह बढ़ाया।
अमृत कलश ले प्रकट हुए और चिकित्सा में चमत्कार दिखलाया।
इसी ख़ुशी में भारत सरकार ने धन तेरस को चिकित्सा दिवस मनाया।
कुबेर को कर प्रसन्न के लिए पूजा स्थल में दीप जला ख़ुशियाँ लाए।
यमदेवता के लिए मुख्य द्वार पर दीपक एक जलाए।
समुद्र मंथन के समय धनवंतरी अमृत कलश संग आए।
घर-घर में लक्ष्मी संग सुख समृद्धि का भंडार भर जाए।
तेरह गुना धन वृद्धि हेतु ख़ुशी-ख़ुशी त्योहार मनाए।
बाज़ार रौनक देख इस त्योहार पर सबका मन ललचाए।
उल्लसित हो बाज़ार जाकर मन चाहे उपहार लाए।
सोना, चाँदी, पीतल जो इच्छा हो लेकर पर्व को सार्थक बनाए।
माँ लक्ष्मी संग कुबेर देवता हम सब पर ढेरों आशीर्वाद बरसाए।
यही मंगलकामनाएँ हम भी अपनों के लिए लेकर आए।
सब मिलकर हर्षोल्लास संग धनतेरस का पर्व मनाए।
दीन दुखियों की सेवा कर अपने जीवन को सफल बनाए।

डॉ॰ रेखा मंडलोई 'गंगा' - इन्दौर (मध्यप्रदेश)

Instagram पर जुड़ें



साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos