गजानन तेरी महिमा प्यारी - कविता - डॉ॰ रोहित श्रीवास्तव 'सृजन'

हे प्रभु! तेरी मूषक सवारी,
गजानन तेरी महिमा प्यारी!
भक्तों पर जब कष्ट पड़े तो,
पल भर में कष्ट हरे तू सारी!
प्रथम पूजनीय तू है देवता,
गाएँ देव तेरी महिमा न्यारी!
'सृजन' पुकारे नाम तेरा अब,
करुण पुकार सुन ले हमारी!

डॉ॰ रोहित श्रीवास्तव 'सृजन' - जौनपुर (उत्तर प्रदेश)

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