सम्पादकीय

दोस्तों 
‌        आज कल हमारे देश में एक अलग ही बिगुल बज रहा जो है "मेड इन इंडिया", "आत्मनिर्भर भारत" मुझे ये सब लिखते हुए सुनते हुए एक अजीब सा देशप्रेम मेरे अंदर से बाहर निकल रहा है कि कितना गर्व है हम सबको अपने देश पे, यहाँ के लोगो पे, यहाँ के संस्कृति पे, मतलब हम कुछ भी ठान ले न तो कर के की ही मानते है और एक विश्वास के साथ हमलोग कुछ भी कर लेते भी है। 
‌स्थिति, परिस्थिति कैसा भी हो उसका डटकर मुकाबला भी कर लेते है सच कहूं तो हमलोग कमाल है न अब सोचों न कितनी दृढ़ता, कर्मठता, सहनशक्ति, हमलोगों के अंदर भरी पड़ी है कि Covid19 जैसे महामारी से भी हमलोग हँसते खेलते डटकर मुकाबला किए है, और कर भी रहे है, हमारी आर्थिक स्थिति कितनी भी खराब कीयू ना हुई हो फिर भी शान से अपने आप को नियंत्रण में रखे हुए है अपने जरूरतो को कम करके होने वाले खर्चे को कम किया है और अपनी आर्थिक स्थिति को ठीक किया है व कर भी रहे है।

‌आजकल हमलोग एक और भी बहुत जरुरी काम में लगे हुए है और उसे भी कर लेंगे वो काम है अपने देश को संपूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाने का, लोकल प्रोडक्ट को वोकल करने का, अपने देश का पैसा अपने ही देश रहने देने का, अपने देश के द्वारा बनाये गए टेक्नोलॉजी को इस्तेमाल करने का, अपने देश को नई नई खोज से अवगत कराने का और अपने देश को विश्वव्यापी राष्ट्र बनाने का और मुझे पता है बल्कि पूरी दुनिया को पता है कि हमलोग जो ठान लिए है उसे पूरा जरूर करके रहेंगे, देश को आत्मनिर्भर बना कर रहेंगे।
और ऐसा मुमकिन है क्योंकि हमें अपने देश पे भरोसा है, एक दूसरे पे भरोसा है, अपने संस्कार पे भरोसा है और सरकार पे भी, ये सभी चीजें, ये भरोसा, हम देश में lockdown के वक़्त देख चुके है और अभी भी देखने को मिल रहा है। 

देश में परिस्थिति कैसी भी रही हो हम सबने डटकर मुकाबला किया है और करते रहेंगे आज वक़्त है देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का और ये तभी संभव है जब हम आत्मनिर्भर बनेगें।

‌दिल में बहुत सारी बातें आ रही है जो मेरे मन के अंदर की उत्सुकता मात्र है और मैं इसे शांत नही कर पा रहा हूँ क्योंकि ये उत्सुकता मुझे अपने देश का नागरिक होने पे हो रहा है, एक भारतीय होने पे हो रहा है आजकल हमारा देश, हमारी सरकार जिस तरह के कारनामें कर रहा है जैसे में : Covid19 जैसे महामारी से लड़ने में, देश में इतने बड़े संकट होने के बावजूद भी देशवाशियो के लिए अभी तक का सबसे बड़ा राहत पैकेज देने में, चीन जैसे मुद्दे पे इतने बड़े फैसले लेने में, या देश को आत्मनिर्भर बनाने के ऊपर चल रहे काम में, ये सभी कारनामा हमारे देश ने कर दिखया है, हम सबने कर दिखया है और ये सभी चीजें तो सिर्फ एक शुरुआत मात्र है। अब एक कारनामा हमे और भी करना है जो है देश को आत्मनिर्भर बनाने का, अपने देश पे गर्व करने का जहाँ आज पूरी दुनिया हमारे देश की कॉपी पेस्ट कर रहा यहाँ से सिख रहा रहा है यह भारत के लिए गर्व की बात है।

‌आज हमारा हिंदुस्तान जिस तरह से आगे बढ़ रहा जहाँ शून्य(0) से लेकर दशमलव(.) तक की खोज की गयी है उस देश पे किसे गर्व नही होगा।
‌गर्व है हमें भारतीय होने पे, गर्व है यहाँ के नागरिकों पे, गर्व है देश के लिए बलिदान देने वाले उन सभी लोगो पे जिन्होंने कुछ न कुछ अपने देश को दिया है चाहें वो ज्ञान हो, सब्र हो, विश्वास हो जो देशवासियो ने दिखलाया है,अपने देश के प्रति और समाज के प्रति या जान हो जो सेना ने दिया है हमारे देश के खातिर, हमारे खातिर।
‌तो कैसे न अपने देश का गुणगान करू, कैसे रहूँ बिना" वंदे मातरम "कहे, कैसे रुकू जब तक देश के लिए कुछ कर न दूँ, कैसे चुप हो जाऊ "भारत माँ की जय "बोलने में, कैसे न लिखू अपने देश के बारे में अपने स्वाभिमान के बारे में, अपने देश के नागरिकों के बारे में, और देश के लिए कुछ कर  गुजरने के ईमान के बारे में , कैसे न बनु खुद से  आत्मनिर्भर, कैसे न लाऊ देश में आत्मनिर्भरता
‌जरा सोचिए..............

‌बस देश के प्रति दिल की भावना को व्यक्त की है
‌फिर मिलेंगे तब तक के लिए आप सभी पाठक व रचनाकारों को मेरा साहित्य प्रणाम🙏
‌जय हिंद जय भारत


तपन कुमार