शिक्षा - सजल - संजय राजभर 'समित'
सोमवार, अक्टूबर 19, 2026
शिक्षा की रोशनी में चमकदार बनेंगे।
कच्चे घड़े हैं बच्चें असरदार बनेगें।।
आधुनिक पकड़ बनें हम ऐसी व्यवस्था दें।
प्रज्ञा की लौ जलाकर वजनदार बनेंगे।।
कोशिश रहे हमारी चमके फिर से भारत।
यही बच्चे मज़बूत खेवनहार बनेंगे।।
नींव मज़बूत है तो मकान बुलंद होगी।
समृद्ध देश का यही पहरेदार बनेंगे।।
तर्क और विज्ञान ही हमारी ताक़त है।
सही दिशा में बच्चे तारणहार बनेंगे।।
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