सुन्दर लाल डडसेना 'मधुर' - महासमुंद (छत्तीसगढ़)
हमसफ़र - गीत - सुन्दर लाल डडसेना 'मधुर'
रविवार, मार्च 22, 2026
जीवन की कठिन डगर में, जो सदा साथ निभाए।
सुख-दुख की हर घड़ी में, मुस्कान से राह सजाए॥
वही तो मेरा हमसफ़र… वही तो मेरा हमसफ़र॥
तूफ़ानों से टकराकर भी, जो थामे मेरा हाथ।
आँसू को मोती बनाकर, हर परिस्थिति में दे साथ॥
वही तो मेरा हमसफ़र… वही तो मेरा हमसफ़र॥
राहें चाहे हों पथरीली, या काँटों से भरी पड़ी।
हमसफ़र वही जो हमेशा, हर डगर में साथ खड़ी॥
वही तो मेरा हमसफ़र… वही तो मेरा हमसफ़र॥
त्याग, समर्पण, दया प्रेम से, जीवन को सजाए।
मन की भाषा समझे, हर पल जो साथ निभाए॥
वही तो मेरा हमसफ़र… वही तो मेरा हमसफ़र॥
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