तुम्हारे इशारे - गीत - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
शुक्रवार, मई 01, 2026
तुम्हारे इशारों में छुपी कोई कहानी है,
नज़रों की ज़ुबाँ भी कितनी सुहानी है।
लब कुछ न कहें, दिल सब बयाँ करता,
ये इश्क़ भी कितनी अजब रवानी है।
तुम पास हो तो साँसें महक उठती हैं,
हर धड़कन में मधुर-सी निशानी है।
छू जाए जो पलकें तेरे ख़्वाबों की,
हर रात लगे जैसे चाँदनी पानी है।
तुम्हारी हँसी में छुपी शरारत-सी,
दिल की हर आरज़ू भी दीवानी है।
ये दिल्लगी, ये मीठे-मीठे से लम्हे,
हर पल में बसी तेरी ही कहानी है।
इश्क़ की कशिश कुछ यूँ खींचे मुझको,
जैसे रूह को मिलती अपनी जवानी है।
तुम्हारे इशारों में खो जाऊँ मैं यूँ,
जैसे ज़िंदगी बस एक मधुर रवानी है।
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