डॉ॰ रोहित श्रीवास्तव 'सृजन' - जौनपुर (उत्तर प्रदेश)
प्रेम - कविता - डॉ॰ रोहित श्रीवास्तव 'सृजन'
मंगलवार, जुलाई 05, 2022
तेरी अनुपस्थिति ही
प्रेम का एहसास कराती है
पल भर का मिलन
फिर बिझड़न
उस पल में मेरी तड़पन
तेरी यादों ने फिर जोड़ा
मेरे टूटे वीणा के तार
हलचल जो शांत हुई थी
मेरे जीवन के ठहरे जल में
तेरी यादों के कंकड़ ने
उसमें मचा दी फिर हलचल।
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