सुषमा दीक्षित शुक्ला - राजाजीपुरम, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)
बेस्ट फ़्रेंड - गीत - सुषमा दीक्षित शुक्ला
बुधवार, नवंबर 03, 2021
जो मेरे हसबैंड थे,
बस वो ही बेस्ट फ़्रेंड थे, 2
दौलत सत्ता मान प्रतिष्ठा,
मेरे बदले कुछ न लेते।
अगर ज़रूरत पड़ जाती,
तो जलते शोले भी सह लेते।
जो मेरे हसबैंड थे। 2
मेरी जान बचाने ख़ातिर,
कूद नदी में जाते वो।
रात दिवस हम सबकी ख़ातिर,
मेहनत करते रहते वो।
जो मेरे हसबैंड...2
अपनी सारी पूजा का फल,
हम सबको दे देते वो।
अगर जान भी देनी पड़ती,
तो हँसकर दे देते वो।
जो मेरे हसबैंड...2
मेरी मौत लिखी थी शायद,
आगे बढ़ गले लगा बैठे।
अब ढूँढूँ उनको हाय कहाँ,
वो बहुत दूर हैं जा बैठे।
जो मेरे हसबैंड...2
गीतों में मैं लिखती उनको,
ग़ज़लों में पढ़ लेती हूँ।
यादों में मैं मिलती उनसे,
सपनो को गढ़ लेती हूँ।
जो मेरे हसबैंड...2
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
दीपावली विशेष रचनाएँ: कविता, गीत, दोहे और मुक्तक का सुंदर संकलन
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर
