रूशदा नाज़ - वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
भविष्य के सितारे - कविता - रूशदा नाज़
शुक्रवार, सितंबर 22, 2023
सुनो मेरे प्यारे!
तुम डरते क्यूँ हो?
भविष्य के सितारे सुनो!
तितलियों की उड़ान उड़ सकते हो
वो चाहत हो तुम
तुम सूर्य हो, तप सकते हो
अग्नि में रहकर जल सकते हो
सुनो मेरे प्यारे!
तुम डरते क्यूँ हो?
भविष्य के सितारे सुनो!
तुम पहाड़ हो अडिग रह सकते हो
अपने लक्ष्य पर अटल रह सकते हो
तुम चन्द्रमा हो, एकांत होकर भी चमक सकते हो
सुनो मेरे प्यारे!
भविष्य के सितारे सुनो!
पर्वत से निकलती बहती धारा हो
निरन्तर बहती लहर हो तुम
निःस्वार्थ, निश्चल
सुनो मेरे प्यारे!
तुम डरते क्यूँ हो?
भविष्य के सितारे सुनो!
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
दीपावली विशेष रचनाएँ: कविता, गीत, दोहे और मुक्तक का सुंदर संकलन
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर

