नंदिनी लहेजा - रायपुर (छत्तीसगढ़)
कोशिश - कविता - नंदिनी लहेजा
सोमवार, जुलाई 25, 2022
कोशिश करना फ़र्ज़ तेरा, बन्दे तू करता चल।
भले लगे समय पर तू, निश्चित पाएगा फल।
रख विश्वास स्वयं पर, और ना मान कभी भी हार।
कोशिश को रख जारी अपने, ना मान इसे कोई भार।
माना निरन्तर करके कोशिश, हम थक से जाते हैं।
मज़िल तक पहुँच ना पाएँगे, यह सोच के हम घबराते हैं।
पर ना भूलें हम सब, बचपन में जो सुनी थी कहानी।
आओ फिर से याद करें, जो सुनाती थीं दादी नानी।
प्यासा कौआ तृष्णा मिटाने, घड़े समीप था आया।
पर जल तो था बिलकुल तल में, फिर भी न वो घबराया।
निरन्त चोंच में कंकर थामें, डालता गया घड़े के भीतर।
कंकर जमा हो गए तल में, और जल आ गया ऊपर।
प्यास बुझाई काग ने अपनी, कोशिश की उसकी जीत हुई।
कोशिश से मिलता जो चाहते हम, सिखाती कहानी हमें यही।
साहित्य रचना को YouTube पर Subscribe करें।
देखिए साहित्य से जुड़ी Videos
साहित्य रचना कोष में पढ़िएँ
विशेष रचनाएँ
दीपावली विशेष रचनाएँ: कविता, गीत, दोहे और मुक्तक का सुंदर संकलन
सुप्रसिद्ध कवियों की देशभक्ति कविताएँ
अटल बिहारी वाजपेयी की देशभक्ति कविताएँ
फ़िराक़ गोरखपुरी के 30 मशहूर शेर
दुष्यंत कुमार की 10 चुनिंदा ग़ज़लें
कैफ़ी आज़मी के 10 बेहतरीन शेर
कबीर दास के 15 लोकप्रिय दोहे
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है? - भारतेंदु हरिश्चंद्र
पंच परमेश्वर - कहानी - प्रेमचंद
मिर्ज़ा ग़ालिब के 30 मशहूर शेर

