हिंदी और शिक्षा - कविता - सुनीता रानी राठौर

शिक्षा का सर्वदा सूत्रधार बना हिन्दी,
शिक्षा का सशक्त आधार बना हिन्दी।
 
हिन्दी जन-जन को एकसूत्र में बांधती,
शिक्षा का सार्थक मिसाल बना हिन्दी। 

मात्रृभाषा बोलचाल की भाषा हिन्दी,
संस्कृति व संस्कार की पहचान हिन्दी।

हिंद देश का मृदुल मधुर हिन्दी भाषा,
शिक्षा के ज्ञान प्रसार सदा करे हिन्दी।

सद्भावना-सत्कार, आदर-प्रेम हिन्दी,
भारत माता की माथे की बिंदी हिन्दी।

करती सशक्त सदा शिक्षण के नींव को,
अ से अज्ञानी को ज्ञ से ज्ञानी करे हिंदी।

कल्याणकारी समभाव दृष्टिकोण हिन्दी,
18 प्रांतीय भाषाओं को जोड़ती हिन्दी।

विश्व के 12 देशों में प्रचलित जन भाषा,
सौहार्द निश्चल भाव मन में भरती हिन्दी।

वैश्वीकरण का सशक्त रूप लेती हिन्दी,
जागरूकता जन को शिक्षित करे हिन्दी।

हिंदी और शिक्षा में अन्योन्याश्रित संबंध,
हिंदुस्तान की आन बान और शान हिन्दी।

सुनीता रानी राठौर - ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)


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