छोटी-सी आशा - कविता - मदन लाल राज

छोटी-सी आशा - कविता - मदन लाल राज | Hindi Kavita - Chhoti Si Aashaa  - Madan Lal Raj. आशा पर कविता
बंजर धरती पर
अंकुर क्या फूटा!
उपजाऊ भूमि भी
तिलमिला उठी।
जब जुगनू की
छोटी-सी आशा से
अंधेरे में रोशनी
झिलमिला उठी।


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