विनय तिवारी - कतरासगढ़, धनबाद (झारखंड)
दिल तोरे बाटें टाने - खोरठा गीत - विनय तिवारी
शनिवार, अक्टूबर 18, 2025
तोर चाँद एइसन चेहरा देइख कुन
दिल तोरे बाटें टाने
तोरा सोब समय देखेक मन करे
रातीं आर दिनें॥
चंपा चमेली अइसन तोर गात गमके
जइसन फूल गमके रे फूल बगानें
तोर बिना आब रहे नायँ पारब
ई बात टाँ तोहुँ रे जाने॥
दिलें एइसन आइग लागल
जइसन आइग लागे रे बोनें
तोर बिना आब मन नायँ लागे
खेत आर खरिहानें॥
कते आसा सब समय देखब
सांझें आर बिहानें
विनय केहो तोयँ राइख ले रानी
सदाय आपन ठिनें॥
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