जिनपर किया भरोसा - ग़ज़ल - अभिनव मिश्र "अदम्य"

अरकान : मफ़ऊलु फ़ाइलातुन मफ़ऊलु फ़ाइलातुन
तक़ती : 221 2122 221 2122

कुछ इश्क़ के दीवाने हमको भी' छल गए हैं।
जिनपर किया भरोसा वो ही बदल गए हैं।

हालात हैं बुरे तुम वो छोड़कर चले हो,
अरमान दिल के सारे मेरे मसल गए हैं।

मेरी ख़ता हुई जो बातों में तेरी आई,
जो बेबसी में दिल के अरमाँ मचल गए हैं।

वो रात ग़म कि काली थे अश्क़ आँख मेरे,
तू ना पिघल सक़ा पर पत्थर पिघल गए हैं।

उल्फ़त के नाम पर जो धोखा दिया है' उसने,
है शुक्र उस ख़ुदा का गिरकर सँभल गए हैं।

हम शौक़ से मुहब्बत की राह पर चले थे,
चुनकर कदम बढ़ाए फिर भी फिसल गए हैं।

ये बद्दुआ हमारी तू खुश न रह सकेगा,
अब तो चिराग दिल में नफ़रत के' जल गए हैं।

मैंने वफ़ा निभाई पर बेवफ़ा तुम्हीं थे,
यादों के तेरे मंजर अब दिल से निकल गए हैं।

अभिनव मिश्र "अदम्य" - शाहजहाँपुर (उत्तर प्रदेश)

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