संदेश
शिव ही सत्य है - दोहा छंद - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
दुनियाँ शिव ही सत्य है, महिमा अपरंपार। अन्तर्मन विश्वास से, हों प्रसन्न ओंकार॥ सदा अजन्मा चिरन्तन, बाघम्बर वागीश। भक्ति प्रेममय शिव…
भाव - कविता - सिद्धार्थ गोरखपुरी
तुममें और मुझमें बस एक समानता है, तुम भाव के भूखे हो और मैं भी। माना के तुम्हारे भाव और मेरे भाव में अंतर है ज़मीं आसमाँ का पर शब्द तो …
श्री काशी विश्वनाथ धाम - गीत - डॉ॰ रवि भूषण सिन्हा
शंकर के त्रिशूल पर बसी, हे काशी, हो तुम कितने पावन धाम। 2 भोले बाबा जहाॅं स्वयं स्थापित कर, बनाए ज्योतिर्लिंग श्री काशी विश्वनाथ धाम। …
बाबा बैद्यनाथ धाम - गीत - डॉ॰ रवि भूषण सिन्हा
ज्योतिर्लिंगों में है, एक लिंग, है वो बाबा बैद्यनाथ धाम। बाबा बैद्यनाथ धाम 2 मनोकामना लिंगों में है, एक लिंग, है वो बाबा बैद्यनाथ धाम।…
शिव हैं भोले भंडारी - कविता - शालिनी तिवारी
शिव हैं आदि शिव हैं अनंत वो हैं भोले भंडारी, गले सर्प तन मृग छाला अविनाशी हैं डमरूधारी। जटा विराजत गंगा और माथे शोभित अर्धचंदा, गणप्रे…
शिव मैं कुछ तुम जैसी हूँ - कविता - स्नेहा
शिव! मैं कुछ तुम जैसी हूँ... तुम भोले हो मैं भोली हूँ तुम ध्यानी हो मैं तुम्हारे ध्यान में ये सारा जग तुझमें बसता हैं और तू मुझमें ब…
चंद्रमौली भगवान - कविता - गणेश भारद्वाज
हे शिव शंकर डमरू वाले सीधे सादे भोले भाले भजन करूँ तन मन से तेरा अंतरमन में बसने वाले। पल में ख़ुश हो जाने वाला तुम सम ऐसा देव कहाँ है …
मेरा मन मंदिर भी शिवाला है - गीत - आशीष कुमार
बाबा बसे हो काशी नगरिया काशी नगरिया हो काशी नगरिया कभी तो आओ हमरी दुअरिया हमरी दुअरिया हो हमरी दुअरिया। मेरा मन मंदिर भी शिवाला है इसम…
हरि - घनाक्षरी छंद - रविंद्र दुबे 'बाबु'
कमल नयन पट, नमन सकल जर, खलल जगत जब, हरि उठ छल धर। तप जप वश कर, बम शिव धर वर, मटक कमर तब, भसम करत खर। क़हर परशुधर, बरसत डटकर, क्षत्र वध …
हर हर शंकर भोले दानी - चौपाई छंद - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
हर हर शंकर भोले दानी। देवासुर सब कीर्ति बखानी॥ द्वादश ज्योतिर्लिङ्गहि रूपा। त्रिलोकेश्वर रुप अनूपा॥ महादेव भुवनेश्वर लोका। कैलाशी हरते…
शशिधर बम बम - घनाक्षरी छंद - रविंद्र दुबे 'बाबु'
तिलक विजय सज गंग लट जट सट। हर हर सब पर बम बम बम बम॥ कंठ पर विषधर विष पिय जमकर। बम बम बम बम हर हर बम बम॥ सरपट करतल अपपठ फट कर। उग्र भव…
शिव हमारे आराध्य - कविता - शक्ति श्रीवास्तव
ओमकार का स्वर है फैला शिव नभ के हर द्वारे में, ओम शब्द की ध्वनि है गूँजी दुख के इस अँधियारे में। अंग-अंग है तृप्त हुआ, मन का भ्रम भी ल…
शिव साजन सावन मुदित - दोहा छंद - डॉ॰ राम कुमार झा 'निकुंज'
नवकिसलय कुसुमित चमन, सावन मेघ फुहार। गन्धमाद प्रवहित पवन, आए प्रीत बहार।। स्वागत सावन मास का, अभिनन्दन शिवधाम। ग्रीष्मातप आहत धरा, बरस…
मैं शिव हूँ - कविता - डॉ. राजेश पुरोहित
मैं आदिदेव अजन्मा, मैं अविकारी अविनाशी हूँ। ॐ स्वरूप में नित रहता, मैं श्रीराम की सेवा करता हूँ।। सृष्टि के लिए मैं, सब कुछ करता हूँ म…
सावन मास - दोहा छंद - विशाल भारद्वाज "वैधविक"
कृपा हो महाकाल की, जन मानुष के साथ। अब कोरोना ख़त्म हो, कोई न हो अनाथ।। आते काशी घाट पर, नित दिन जन समुदाय। चाह स्वर्ग की रख सभी, करते …
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तुति - दोहा छंद - डॉ. राम कुमार झा "निकुंज"
सोमनाथ सौराष्ट्र में, करुणाकर अवतार। चारु चन्द्र धर शिखर शिव, गंगाधर संसार।।१।। उच्च शिखर श्रीशैल पर, प्रमुदित देव निवास। पूज्य मल्ल…
जय महाकाल - कविता - रमाकांत सोनी
अंग भस्म रमाने वाले, नीलकंठ कहलाने वाले। हे त्रिपुरारी हे शिव शंभू, नियति चक्र चलाने वाले।। बहे जटा से गंगा धारा, नटराज करे नित्य प्या…
प्रकृति पुरुष शिवजी - कविता - विनय "विनम्र"
शिव जन्म नहीं, शिव मृत्यु नहीं, वे अविरल हैं व्यक्तित्व नहीं। वे कालख़ड़ में बंधे नहीं, शब्दों में भी कभी सधे नहीं। वे राग द्वेश से उपर …
शिव सती प्रेम - गीत - समुन्द्र सिंह पंवार
शिव और सती का प्रेम अदभुत, अनुपम और पावन था। सती में थी शिव की आत्मा तो शिव में सती का मन था। राजमहल में रहने वाली को एक वनवासी भाए थ…
ओ भोले भण्डारी हम पर कृपा करो - गीत - श्याम सुन्दर श्रीवास्तव "कोमल"
ओ भोले भण्डारी! प्रभु जी, विनती सुनो हमारी। हम पर कृपा करो।। विषय व्याल ने घेरा डाला, हुई वासना हावी। पल-पल छलती हमको ठगनी, यह माया …
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